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बलिया बलिदान दिवस

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बलिया बलिदान दिवस ~~~~~~~~~~~~ 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए लिखी ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी... 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 "जो देश अपने वीर और महान सपूतों को भूल जाता है, उस देश के आत्मसम्मान को हीनता की दीमक चट कर जाता है।"  ....... याद रखना दोस्तों। हमें समय समय पर इन महान हस्तियों को याद करते रहना चाहिए। अपने बच्चों, छोटे भाई-बहनों, आदि को इन वीर सपूतों की वीर गाथाओं को समय-समय पर सुनाना चाहिए। इन अमर बलिदानियों के किस्से-कहानियों को कॉपी-पेस्ट करके अपने-अपने सोशल नेटवर्क पर डालना चाहिए व एक दूसरे शेयर करना चाहिए , ताकि और लोगो को भी इन अमर शहीदों के बारे में पता लग सके। 'बलिया बलिदान दिवस' के पुनीत अवसर पर बागी बलिया के सभी वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। बलिया को बागी बलिया क्यो कहा जाता है ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुस्लिम आक्रमणकारियों में सबसे पहले सन् 1194 ई0 में कुतुबुद्दीन ऐबक बलिया जिले की सरहद में कुतुबगंज घाट पर आया। सन् 1202 ई0 में इख्तियार मुहम्मद ने घाघरा नदी के तट पर स्थित कठौड़ा और कुतुबगंज के समृद्ध नगर पर...

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस

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नेताजी सुभाषचंद्र बोस ~~~~~~~~~~~~ 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए लिखी ये कहानी, जो जिए देश खातिर उनकी, जरा याद करो कुर्बानी...... 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 स्वतंत्रता अभियान के एक और महान क्रान्तिकारियो में नेताजी सुभाष चंद्र बोस – Netaji Subhash Chandra Bose का नाम भी आता है। नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने भारतीय राष्ट्रिय सेना का निर्माण किया था। जो विशेषतः “आजाद हिन्द फ़ौज़” के नाम से प्रसिद्ध थी। सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद जी को बहुत मानते थे। “तुम मुझे खून दो, मै तुम्हे आजादी दूंगा”  सुभाष चंद्र बोस का ये प्रसिद्ध नारा था। उन्होंने अपने स्वतंत्रता अभियान में बहुत से प्रेरणादायक भाषण दिये और भारत के लोगो को आज़ादी के लिये संघर्ष करने की प्रेरणा दी। सुभाषचंद्र बोस की जीवनी ~~~~~~~~~~~~~~ पूरा नाम   – सुभाषचंद्र जानकीनाथ बोस जन्म        – 23 जनवरी 1897 जन्मस्थान – कटक (ओरिसा) पिता         – जानकीनाथ माता         – प्रभावती देवी श...

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी

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अटल बिहारी वाजपेयी जी ~~~~~~~~~~~~~~~ जन्मः 25 दिसंबर 1924, ग्वालियर, मध्यप्रदेश कार्य/पद:  राजनेता, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री सम्मान: भारत रत्न, 2015 मृत्यु: 16 अगस्त 2018, AIIMS, नई दिल्ली पुरस्कार और सम्मान ~~~~~~~~~~~ देश के लिए अपनी अभूतपूर्व सेवाओं के चलते उन्हें वर्ष 1992 में पद्म विभूषण सम्मान से नवाजा गया। 1993 में उन्हें कानपुर विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि का सम्मान प्राप्त हुआ। वर्ष 1994 में अटल बिहारी वाजपेयी जी को लोकमान्य तिलक अवार्ड से सम्मानित किया गया वर्ष 1994 में उन्हें पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार भी प्रदान किया गया। वर्ष 1994 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का सम्मान मिला। वर्ष 2015 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। वर्ष 2015 में बांग्लादेश द्वारा उन्हें ‘लिबरेशन वार अवार्ड’ दिया गया। जीवन घटनाक्रम ~~~~~~~~~ 1924: अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर शहर में हुआ। 1942: भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया। 1957: पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। 1980: बी.जे.एस. और आर.एस.एस. के साथियों के स...

अमर बलिदानी मदनलाल ढींगरा जी

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अमर बलिदानी मदनलाल ढींगरा जी ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ सांस बनी हैं आंधी सी, तूफान उठा हैं सीने में, जब तक गुलाम हैं देश मेरा, मौज कहा हैं जीने में..... : मदन लाल ढींगरा "जो देश अपने वीर और महान सपूतों को भूल जाता है, उस देश के आत्मसम्मान को हीनता की दीमक चट कर जाती है।"  ....... याद रखना दोस्तों। हमें समय समय पर इन महान हस्तियों को याद करते रहना चाहिए। अपने बच्चों, छोटे भाई-बहनों, आदि को इन वीर सपूतों की वीर गाथाओं को समय-समय पर सुनाना चाहिए। इन अमर बलिदानियों के किस्से-कहानियों को कॉपी-पेस्ट करके अपने-अपने सोशल नेटवर्क पर डालना चाहिए व एक दूसरे शेयर करना चाहिए, ताकि और लोगो को भी इन अमर शहीदों के बारे में पता लग सके। 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए लिखी ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो कुर्बानी... 🌺🥀🌹🙏🌷🪷💐 17 अगस्त – शहीदी दिवस क्रांतिवीर मदनलाल ढींगरा... लंदन में जा कर क्रूर कर्जन वाइली का वध किया और वहीं श्रीमद्भागवत गीता ले कर झूल गए थे फाँसी ........ जरा खुद से सोचिये कि हमको क्या–क्या पढाया गया और हम क्या–क्या पढ़ते रहे ....

वीरांगना रानी अवन्तिबाई लोधी

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वीरांगना रानी अवन्तिबाई लोधी ~~~~~~~~~~~~~~~~ 🌺🌺🙏🙏🌺🌺 तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए लिखी ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी.. 🌺🌺🙏🙏🌺🌺  ✍️भारत की पूर्वाग्रही लेखनी ने देश के बहुत से त्यागी, बलिदानियों, शहीदों और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर-वीरांगनाओं को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की पुस्तकों में उचित सम्मानपूर्ण स्थान नहीं दिया है, परंतु आज भी इन वीर-वीरांगनाओं की शौर्यपूर्ण गाथाएं भारत की पवित्र भूमि पर गूंजती हैं और उनका शौर्यपूर्ण जीवन प्रत्येक भारतीय के जीवन को मार्गदर्शित करता है।  ऐसी ही 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की एक वीरांगना हैं रानी अवंतीबाई लोधी जिनके योगदान को हमेशा से इतिहासकारों ने कोई अहम स्थान न देकर नाइंसाफी की है। आज देश में बहुत से लोग हैं, जो इनके बारे में जानते भी नहीं हैं। लेकिन इनका योगदान भी 1857 के स्वाधीनता संग्राम की अग्रणी नेता वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मीबाई से कम नहीं हैं।   लेकिन इतिहासकारों की पिछड़ा और दलित विरोधी मानसिकता ने हमेशा से इनके बलिदान और 1857 के प्रथम...

मैडम भीखाजी कामा जी

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🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳तिरंगे की प्रथम   #निर्माता_भीखाजी_कामा*🇮🇳🇮🇳🇮🇳  ****पुण्यतिथि***  ******13 अगस्त, 1936******  🇮🇳🇮🇳🇮🇳 आज स्वतन्त्र भारत के झण्डे के रूप में जिस तिरंगे को हम प्राणों से भी अधिक सम्मान देते हैं, उसका पहला रूप बनाने और उसे जर्मनी में फहराने का श्रेय जिस स्वतन्त्रता सेनानी को है, उन मादाम भीकाजी रुस्तम कामा का जन्म मुम्बई के एक पारसी परिवार में 24 सितम्बर, 1861 को हुआ था। उनके पिता सोराबजी फ्रामजी मुम्बई के सम्पन्न व्यापारी थे। भीकाजी में बचपन से ही देशभक्ति की भावना कूट-कूटकर भरी थी।  1885 में भीकाजी का विवाह रुस्तमजी कामा के साथ हुआ; पर यह विवाह सुखद नहीं रहा। रुस्तमजी अंग्रेज शासन को भारत के विकास के लिए वरदान मानते थे, जबकि भीकाजी उसे हटाने के लिए प्रयासरत थीं। 1896 में मुम्बई में भारी हैजा फैला। भीकाजी अपने साथियों के साथ हैजाग्रस्त बस्तियों में जाकर सेवाकार्य में जुट गयीं। उनके पति को यह पसन्द नहीं आया। उनकी रुचि सामाजिक कार्यों में बिल्कुल नहीं थी। मतभेद बढ़ने पर मादाम कामा ने उनका घर सदा के लिए छोड़ दिया।  अत्...

वीर दुर्गादास राठौड़

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दुर्गादास राठौड ~~~~~~~~~ दुर्गादास राठौड़  एक वीर राठौड़ राजपूत योद्धा थे, जिन्होने मुगल शासक औरंगज़ेब को युद्ध में पराजित किया था। दुर्गा दास राठौड़ (13 अगस्त 1638 – 22 नवम्बर 1718) को 17वीं सदी में जसवंत सिंह के निधन के पश्चात् मारवाड़ में राठौड़ वंश को बनाये रखने का श्रेय जाता है। यह करने के लिए उन्होने मुग़ल शासक औरंगज़ेब को चुनौती दी थी। पूर्व जीवन ~~~~~~ दुर्गादास मारवाड़ के शासक महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री आसकरण राठौड़ के पुत्र थे। उनकी माँ अपने पति और उनकी अन्य पत्नियों के साथ नहीं रहीं और जोधपुर से दूर रहीं। अतः दुर्गादास का पालन पोषण लुनावा नामक गाँव में हुआ। आप का जन्म 13 अगस्त 1638 को ग्राम सालवा में हुआ था। आप सूर्यवंशी राठौड़ कुल के राजपूत थे। आपके पिता का नाम आसकरण सिंह राठौड था जो मारवाड़ ( जोधपुर) के महाराजा जसवन्त सिंह (प्रथम) के राज्य की दुनेवा जागीर के जागीदार थे। वीर दुर्गादास राठौड़ की माता का नाम माता नेतकँवर बाई था। दुर्गादास की माता अपने पति आसकरण जी से दूर सालवा के...

रविंद्रनाथ टैगोर जी

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रविन्द्र नाथ टैगोर जी ~~~~~~~~~~~ विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बाँग्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं। रवींद्रनाथ टैगोर का जीवनी ~~~~~~~~~~~~~~ गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्‍म 7 मई सन् 1861 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने भारतीय समाज के विकास में बहुत योगदान दिया। रवींद्रनाथ टैगोर एक कवि, उपन्‍यासकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक थे। रवींद्रनाथ टैगोर एशिया के प्रथम व्‍यक्ति थे, जिन्‍हें नोबल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। वे अपने माता-पिता की तेरहवीं संतान थे। बचपन में उन्‍हें प्‍यार से 'रबी' बुलाया जाता था। आठ वर्ष की उम्र में उन्‍होंने अपनी पहली कविता लिखी, सोलह साल क...

सुषमा स्वराज जी

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सुषमा स्वराज जी ~~~~~~~~~ (१४ फरवरी, १९५२ - ०६ अगस्त, २०१९)  एक भारतीय महिला राजनीतिज्ञ और भारत की पूर्व विदेश मंत्री थीं। वे वर्ष २००९ में भारत की भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं, इस नाते वे भारत की पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं। इसके पहले भी वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथा दिल्लीकी मुख्यमन्त्री भी रही हैं। वे सन २००९ के लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा के १९ सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रही थीं। सुषमा स्वराज संक्षिप्त परिचय ~~~~~~~~ विदेश मंत्री पद बहाल २६ मई २०१४ – 24 मई 2019 विपक्ष की नेता पद बहाल २१ दिसम्बर २००९ – २६ मई २०१४ संसदीय मामलों की मंत्री पद बहाल २९ जनवरी २००३ – २२ मई २००४ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री पद बहाल २९ जनवरी २००३ – २२ मई २००४ सूचना एवं प्रसारण मंत्री पद बहाल ३० सितम्बर २००० – २९ जनवरी २००३ दिल्ली की मुख्यमंत्री पद बहाल १३ अक्तूबर १९९८ – ३ दिसम्बर १९९८ संसद सदस्य विदिशा से पदस्थकार्यालय ग्रहण  १३ मई २००९ संसद सदस्य दक्षिण दिल्ली से पद बहाल ७ मई २००६ – ३ अक्तूबर १९९...