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सुखदेव थापर

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थापर ~~~~~~~~ सुखदेव (वर्ष 1907-1931) एक प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी थे, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। वह उन महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों में से हैं, जिन्होंने अपने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इनका पूरा नाम सुखदेव थापर है और इनका जन्म 15 मई 1907 को हुआ था। इनका पैतृक घर भारत के लुधियाना शहर, नाघरा मोहल्ला, पंजाब में है। इनके पिता का नाम राम लाल था। अपने बचपन के दिनों से, सुखदेव ने उन क्रूर अत्याचारों को देखा था, जो शाही ब्रिटिश सरकार ने भारत पर किए थे, जिसने उन्हें क्रांतिकारियों से मिलने के लिए बाध्य करदिया और उन्होंने भारत को ब्रिटिश शासन के बंधनों से मुक्त करने का प्रण किया। सुखदेव थापर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) के सदस्य थे और उन्होंने पंजाब व उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों के क्रांतिकारी समूहों को संगठित किया। एक देश भक्त नेता सुखदेव लाहौर नेशनल कॉलेज में युवाओं को शिक्षित करने के लिए गए और वहाँ उन्हें भारत के गौरवशाली अतीत के बारे में अत्यन्त प्रेरणा मिली। उन्होंने अन्य प्रसिद्ध...

महेन्द्र सिंह टिकैत

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#किसान_मजदूर_और_कमेरे_वर्ग_के_महात्मा_की_पुण्यतिथि_पर_विशेष ----------------------- #जीवन_यात्रा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत जी की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन् 🙏🏻 (6 अक्टूबर 1935 – 15 मई 2011) --------------------------------------------- #किसान_मसीहा_चौधरी_महेंद्र_सिंह_टिकैत का जन्म #मुजफ्फरनगर के कस्बा #सिसौली में 6 अक्टूबर 1935 में एक जाट परिवार में हुआ था। गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा सात तक पढ़ाई की। उनके पिता का नाम चौधरी चौहल सिंह टिकैत और माता जी श्रीमती मुख्त्यारी देवी थीं। चौधरी चौहल सिंह टिकैत बालियान खाप के चौधरी थे। चौधरी महेन्‍द्र सिंह टिकैत को एक जुझारु किसान नेता के तौर पर पूरी दुनिया जानती है लेकिन यह व्‍यक्ति एक दिन में या किसी की कृपा से 'किसानों का मसीहा' नहीं बन गया बल्कि सच तो यह है कि कभी इस शख्‍सीयत ने धूप-छांव, भूख-प्‍यास, लाठी-जेल की परवाह नहीं की। अगर अपने कदमों को किसान संघर्ष के लिए बाहर निकाल दिया तो फिर कभी पीठ नहीं दिखाई चौधरी साहब किसानों के सच्चे हितैषी और किसानों को उनका हक दिलाने के लिए सदैव तत्पर रहते थे। किसान आंदोलन की जैसी...

सुखदेव थापर

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तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए सुनो ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी, 😪😥😪😥 सुखदेव थापर ~~~~~~~~ सुखदेव (वर्ष 1907-1931) एक प्रसिद्ध भारतीय क्रांतिकारी थे, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में एक प्रमुख भूमिका निभाई थी। वह उन महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों में से हैं, जिन्होंने अपने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। इनका पूरा नाम सुखदेव थापर है और इनका जन्म 15 मई 1907 को हुआ था। इनका पैतृक घर भारत के लुधियाना शहर, नाघरा मोहल्ला, पंजाब में है। इनके पिता का नाम राम लाल था। अपने बचपन के दिनों से, सुखदेव ने उन क्रूर अत्याचारों को देखा था, जो शाही ब्रिटिश सरकार ने भारत पर किए थे, जिसने उन्हें क्रांतिकारियों से मिलने के लिए बाध्य करदिया और उन्होंने भारत को ब्रिटिश शासन के बंधनों से मुक्त करने का प्रण किया। सुखदेव थापर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (एचएसआरए) के सदस्य थे और उन्होंने पंजाब व उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों के क्रांतिकारी समूहों को संगठित किया। एक देश भक्त नेता सुखदेव लाहौर नेशनल कॉलेज में युवाओं को शिक्षित करने क...

वसंतराव कृष्णराव ओक

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*वसंतराव कृष्णराव ओक* ~~~~~~~~~~~~~~ संघ की प्रारम्भिक प्रचारकों में एक श्री वसंतराव कृष्णराव ओक का जन्म 13 मई, 1914 को नाचणगांव (वर्धा, महाराष्ट्र) में हुआ था। जब वे पढ़ने के लिए अपने बड़े भाई मनोहरराव के साथ नागपुर आये, तो बाबासाहब आप्टे द्वारा संचालित टाइपिंग केन्द्र के माध्यम से दोनों का सम्पर्क संघ से हुआ। डा. हेडगेवार के सुझाव पर वसंतराव 1936 में कक्षा 12 उत्तीर्ण कर शाखा खोलने के लिए दिल्ली आ गये। उनके रहने की व्यवस्था 'हिन्दू महासभा भवन' में थी। यहां रहकर वसंतराव ने एम.ए. तक की पढ़ाई की और दिल्ली प्रांत में शाखाओं का जाल भी फैलाया। आज का दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, अलवर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश उस समय दिल्ली प्रांत में ही था। वसंतराव के परिश्रम से इस क्षेत्र में शाखाओं का अच्छा तंत्र खड़ा हो गया। वसंतराव के संपर्क का दायरा बहुत विशाल था। 1942 के आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही। गांधी जी, सरदार पटेल, लालबहादुर शास्त्री, पुरुषोत्तमदास टंडन से लेकर हिन्दू महासभा, सनातन धर्म और आर्य समाज के बड़े नेताओं से उनके मधुर संबंध थे। कांग्रेस वालों को भी उन पर इतना विश्वास ...

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

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🙏🙏 ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★ दोस्तों, जब भी मुझे, कोई भी अच्छी बात, सोशल मीडिया या प्रिंट मीडिया पर पढ़ने को मिलती हैं, तो वो मैं कॉपी-पेस्ट-एडिट करके आप सब तक  ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★  के तहत शेयर जरूर करती हूँ। आज भी "पोखरण परमाणु परीक्षण" विषय पर कुछ अच्छी बातें आपसे शेयर कर रही हूँ, इस प्राथना के साथ कि अगर आपको भी ये बातें अच्छी लगें, तो कृपया दूसरों के लिए, आगे ज़रूर शेयर करे ........ ........विजेता मलिक पोखरण परमाणु परीक्षण ~~~~~~~~~~~~~ आज ही के दिन 1998 में श्री अटल बिहारी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में भारत ने.... १)पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण किये थे २)स्वदेशी विमान हंस-3 ने उड़ान भरी थी ३)त्रिशूल मिसाइल का सफल परीक्षण किया था इसी उपलक्ष्य में #NationalTechnologyDay मनाया जाता है, आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।  माननीय पूर्व-प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के निर्देश पर हुआ परमाणु परीक्षण 11 मई और 13 मई 1998 को पोखरण (राजस्थान) में..... भारत की प्लानिंग से बौखला गया था अमेरिका,  यूं किया था परमाणु परीक्षण...... जैसलमेर (राजस्थान) के पोखरण...

अपनी पहचान बनाओ! अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!

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🙏🙏 ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★ दोस्तों, जब भी मुझे, कोई भी अच्छी बात, सोशल मीडिया या प्रिंट मीडिया पर पढ़ने को मिलती हैं, तो वो मैं कॉपी-पेस्ट-एडिट करके आप सब तक  ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★  के तहत शेयर जरूर करती हूँ। आज भी "अपनी पहचान बनाओ!  अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!" विषय पर कुछ अच्छी बातें आपसे शेयर कर रही हूँ, इस प्राथना के साथ कि अगर आपको भी ये बातें अच्छी लगें, तो कृपया दूसरों के लिए, आगे ज़रूर शेयर करे ........ ........विजेता मलिक 🙏 अपनी पहचान बनाओ!  अपने मूल-संस्कारों को अपनाओ!!!  संभलने की जरूरत है ..!!  1. चोटियां छोड़ी ,  2. टोपी, पगड़ी छोड़ी ,  3. तिलक, चंदन छोड़ा  4. कुर्ता छोड़ा ,धोती छोड़ी ,  5. यज्ञोपवीत छोड़ा ,  6. संध्या वंदन छोड़ा ।  7. रामायण पाठ, गीता पाठ छोड़ा ,  8. महिलाओं, लड़कियों ने साड़ी छोड़ी, बिछिया छोड़े, चूड़ी छोड़ी , दुपट्टा, चुनरी छोड़ी, मांग बिन्दी छोड़ी।  9. पैसे के लिये, बच्चे छोड़े (आया पालती है)  10. संस्कृत छोड़ी, हिन्दी छोड़ी,  11. श्लोक छोड़े, लोरी छोड़ी ...

प्रकृति और परमात्मा के पास रहें सदैव सुखी रहें।

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🙏🙏 ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★ दोस्तों, जब भी मुझे, कोई भी अच्छी बात, सोशल मीडिया या प्रिंट मीडिया पर पढ़ने को मिलती हैं, तो वो मैं कॉपी-पेस्ट-एडिट करके आप सब तक  ★आओ कुछ अच्छी बातें करें★  के तहत शेयर जरूर करती हूँ। आज भी "कल अचानक से तेज आँधी-पानी और बे-मौसम वर्षा, ओला वृष्टि, प्राकृतिक आपदा के बारे में कुछ रोचक जानकारी" विषय पर कुछ अच्छी बातें आपसे शेयर कर रही हूँ, इस प्राथना के साथ कि अगर आपको भी ये बातें अच्छी लगें, तो कृपया दूसरों के लिए, आगे ज़रूर शेयर करे ........ ........विजेता मलिक प्रकृति और परमात्मा के पास रहें सदैव सुखी रहें ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 🙏 कल अचानक से तेज आँधी-पानी और बे-मौसम वर्षा, ओला वृष्टि, प्राकृतिक आपदा से सम्पूर्ण विश्व चिन्तित है और सभी अपने-अपने आस्था के अनुसार प्रार्थना कर रहे हैं। परन्तु एक समग्र दृष्टि डालने पर लगता है कि मनुष्य दया का अधिकारी नही है। अपने सुख के लिये कौन सा पाप नही किया, फिर भी परमात्मा से अभय दान चाहता है। हम तीन घटना का उदाहरण आपके सामने रख रहे हैं...   १-ऑस्ट्रेलिया में अभी आठ महीने पहले ही 100 करोड़...

जय माँ भारती

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जय माँ भारती ~~~~~~~~ "परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी ! 🌿💕🌿 सुन्दरता कश्मीर की तुम में, सिक्किम जैसा शर्माती !! . 🌿💕🌿 खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली ! 🌿💕🌿 केरल जैसी आंख तुम्हारी, है दिल तो तुम्हारा दिल्ली !! 🌿💕🌿 महाराष्ट्र तुम्हारा फ़ैशन है, तो गोवा नया जमाना ! 🌿💕🌿 खुशबू हो तुम कर्नाटक की, बल तो तेरा हरियाणा !! 🌿💕🌿 सीधी-सादी उड़ीसा जैसी, एम.पी . जैसा मुस्काना ! 🌿💕🌿 दुल्हन तुम राजस्थानी जैसी, त्रिपुरा जैसा इठलाना !! 🌿💕🌿 झारखंड तुम्हारा आभूषण, तो मेघालय तुम्हारी बिन्दीया है ! 🌿💕🌿 सीना तुम्हारा यू.पी . है तो, हिमाचल तुम्हारी निन्दिया है !! 🌿💕🌿 कानों का कुंडल छत्तीसगढ़, तो मिज़ोरम तुम्हारी पायल है 🌿💕🌿 बिहार गले का हार तुम्हारा, तो आसाम तुम्हारा आंचल है !! 🌿💕🌿 नागालैंड- आन्ध्र दो हाथ तुम्हारे, तो ज़ुल्फ़ तुम्हारा अरुणाचल है ! 🌿💕🌿 नाम तुम्हारा भारत माता, तो पवित्र तुम्हारा उत्तरांचल है !! 🌿💕🌿 सागर है परिधान तुम्हारा, तिल जैसे है दमन-द्वीव ! 🌿💕🌿 मोहित हो जाता है सारा जग, रहती हो तुम कितनी सजीव !! 🌿💕🌿 अंडमान और निक...

महावीर तक्षक

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महावीर तक्षक ~~~~~~~~ सन् ७११ई० की बात है। अरब के पहले मुस्लिम आक्रमणकारी मुहम्मद बिन कासिम के आतंकवादियों ने मुल्तान विजय के बाद एक विशेष सम्प्रदाय हिन्दू के ऊपर गाँवो शहरों में भीषण रक्तपात मचाया था। हजारों स्त्रियों की छातियाँ नोच डाली गयीं, इस कारण अपनी लाज बचाने के लिए हजारों सनातनी किशोरियां अपनी शील की रक्षा के लिए कुंए तालाब में डूब मरीं।लगभग सभी युवाओं को या तो मार डाला गया या गुलाम बना लिया गया। भारतीय सैनिकों ने ऐसी बर्बरता पहली बार देखी थी। एक बालक तक्षक के पिता कासिम की सेना के साथ हुए युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। लुटेरी अरब सेना जब तक्षक के गाँव में पहुँची तो हाहाकार मच गया। स्त्रियों को घरों से खींच खींच कर उनकी देह लूटी जाने लगी।भय से आक्रांत तक्षक के घर में भी सब चिल्ला उठे। तक्षक और उसकी दो बहनें भय से काँप उठी थीं। तक्षक की माँ पूरी परिस्थिति समझ चुकी थी, उसने कुछ देर तक अपने बच्चों को देखा और जैसे एक निर्णय पर पहुच गयी। माँ ने अपने तीनों बच्चों को खींच कर छाती में चिपका लिया और रो पड़ी। फिर देखते देखते उस क्षत्राणी ने म्यान से तलवार खीचा और अपन...