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जाहरवीर गोगाजी महाराज

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जाहरवीर गोगाजी महाराज ~~~~~~~~~~~~~~ गोगाजी चौहान राजस्थान के लोक देवता हैं जिन्हे 'जाहरवीर गोगा राणा या जाहरपीर गोगा जी' के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले का एक शहर गोगामेड़ी है। यहां भादों कृष्णपक्ष की नवमी को गोगाजी देवता का मेला भरता है। इन्हें हिन्दू और मुसलमान दोनो पूजते हैं। गुजरात मे रबारी जाती के लोग गोगाजी को गोगा महाराज केे नाम सेे बुलाते है। गोगाजी का जन्म राजस्थान के ददरेवा (चुरू) चौहान वंश के शासक जैबर (जेवरसिंह) की पत्नी बाछल के गर्भ से गुरु गोरखनाथ के वरदान से भादो सुदी नवमी को हुआ था। चौहान वंश में राजा पृथ्वीराज चौहान के बाद गोगाजी वीर और ख्याति प्राप्त राजा थे। गोगाजी का राज्य सतलुज सें हांसी (हरियाणा) तक था। लोकमान्यता व लोककथाओं के अनुसार गोगाजी को साँपों के देवता के रूप में भी पूजा जाता है। लोग उन्हें गोगाजी चौहान, गुग्गा, जाहिर वीर व जाह...

महान हिंदू योद्धा राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जी

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महान हिंदू योद्धा राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जी ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौर का नाम मेवाड़ ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण हिन्दुस्तान के इतिहास में त्याग, बलिदान, देश-भक्ति व स्वामिभक्ति के लिये स्वर्ण अक्षरों में अमर है। आगरा में ताजमहल के निकट पुरानी मंडी चौराहे पर वीर दुर्गादास राठौर की घोड़े पर सवार प्रतिमा स्थापित है। आज 13 अगस्त को उनका 349वां जन्मदिवस है। आगरा में ताजमहल के निकट पुरानी मंडी चौराहे पर वीर दुर्गादास राठौर की घोड़े पर सवार प्रतिमा स्थापित है। महाराजा जसवंत सिंह ने सेना में शामिल किया ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मारवाड़ की स्वतन्त्रता के लिये वर्षों तक संघर्ष करने वाले वीर पुरुष दुर्गा दास राठौर का जन्म जोधपुर के एक छोटे से गाँव सलवां कलां में आसकरन जी राठौर के घर 13 अगस्त, सन् 1638 (श्रावण शुक्ला चतुर्दशी सम्वत् 1695) में हुआ था। इनके पिता आसकरन जी जोधपुर नरेश महाराजा जसवन्त सिंह की सेना में थे। अपने पिता की भाँति बालक दुर्गादास में भी वीरता के गुण कूट-कूट कर भरे थे। एक बार जोधपुर राज्य की सेना के कुछ ऊँट चर...

डॉ० विक्रम साराभाई

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डॉ० विक्रम साराभाई Dr. Vikram Sarabhai ~~~~~~~~~~~~~ यदि भारत आज अन्तरिक्ष अनुसन्धान के क्षेत्र में विश्व में अपना विशेष स्थान प्राप्त कर, अपने विभिन्न अन्तरिक्ष कार्यक्रमों के बल पर शिक्षा, सूचना एवं संचार के क्षेत्र में विशेष प्रगति कर पाया है तथा मंगल ग्रह पर अपने प्रथम प्रयास में ही मंगलयान को सफलतापूर्वक प्रतिस्थापित करने वाला विश्व का प्रथम राष्ट्र बन गया है, तो इसका मुख्य श्रेय डॉ. विक्रम साराभाई को जाता है । मौसम पूर्वानुमान एवं उपग्रह टेलीविजन प्रसारण में हमारे अन्तरिक्ष उपग्रहों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है । डॉ. साराभाई ने ही भारत में अन्तरिक्ष कार्यक्रमों की शुरूआत की थी, जिसके फलस्वरूप कई भारतीय उपग्रह अन्तरिक्ष में छोड़े गए और सूचना एवं संचार के क्षेत्र में देश में अभूतपूर्व क्रान्ति का सूत्रपात हो सका । भारतीय अन्तरिक्ष अनुसन्धान संगठन (इसरो) की स्थापना उनकी महान् उपलब्धियों में से एक थी । रूसी स्पूतनिक के प्रमोचन के बाद साराभाई ने भारत जैसे विकासशील देश के लिए अन्तरिक्ष कार्यक्रम के महत्व के बारे में सरकार को राजी किया । डॉ. विक्रम साराभाई का जन्म 12 अग...

भूपेन हाजरिका

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हाजरिका ~~~~~~~~ भूपेन हाजरिका (असमिया: ভূপেন হাজৰিকা / उच्चारण : भूपेन हाजोरिका) (8 सितंबर, 1926- ५ नवम्बर २०११) भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम से एक बहुमुखी प्रतिभा के गीतकार, संगीतकार और गायक थे। इसके अलावा वे असमिया भाषा के कवि, फिल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे थे। भूपेन हाजरिका ~~~~~~~~ असम का स्वर्ण स्वरजन्मसदिया, असम, भारतपुरस्कारपद्म विभूषण, पद्म श्री, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म भूषण, संगीत नाटक अकादमी, असम रत्न, मुक्तिजोधा पदक, भारत रत्न वे भारत के ऐसे विलक्षण कलाकार थे जो अपने गीत खुद लिखते थे, संगीतबद्ध करते थे और गाते थे। उन्हें दक्षिण एशिया के श्रेष्ठतम जीवित सांस्कृतिक दूतों में से एक माना जाता है। उन्होंने कविता लेखन, पत्रकारिता, गायन, फिल्म निर्माण आदि अनेक क्षेत्रों में काम किया। भूपेन हजारिका के गीतों ने लाखों दिलों को छुआ। हजारिका की असरदार आवाज में जिस किसी ने उनके गीत "दिल हूम हूम करे" और "ओ गंगा तू बहती है क्यों" सुना वह इससे इंकार नहीं कर सकता कि उसके दिल पर भूपेन दा का जादू नहीं च...

शहीद खुदीराम बोस

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खुदीराम बोस ~~~~~~~ तुम भूल ना जाओ उनको, इसलिए सुनो ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी...... भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन में खुदीराम बोस की शहादत से समूचे देश में देशभक्ति की लहर उमड़ पड़ी थी। उनके साहसिक योगदान को अमर करने के लिए गीत रचे गए और इनका बलिदान लोकगीतों के रूप में मुखरित हुआ। उनके सम्मान में भावपूर्ण गीतों की रचना हुई, जिन्हें बंगाल के लोक गायक आज भी गाते हैं। खुदीराम बोस (अंग्रेज़ी: Khudiram Bose, जन्म: 3 दिसंबर, 1889; मृत्यु : 11 अगस्त, 1908) मात्र 19 साल की उम्र में हिन्दुस्तान की आज़ादी के लिये फाँसी पर चढ़ने वाले क्रांतिकारी थे। भारतीय स्वाधीनता संग्राम का इतिहास क्रांतिकारियों के सैकड़ों साहसिक कारनामों से भरा पड़ा है। ऐसे ही क्रांतिकारियों की सूची में एक नाम खुदीराम बोस का है। जीवन परिचय ~~~~~~~~ खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसंबर, 1889 ई. को बंगाल में मिदनापुर ज़िले के हबीबपुर गाँव में त्रैलोक्य नाथ बोस के यहाँ हुआ था। खुदीराम बोस जब बहुत छोटे थे, तभी उनके माता-पिता का निधन हो गया था। उनकी बड़ी बहन ने उनका लालन-पालन किया था। सन ...

अगस्त क्रांति - अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन

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9 अगस्त 1942 : अगस्त क्रांति: भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े दिलचस्प तथ्य ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ डॉ राम मनोहर लोहिया ने भारत छोड़ो आंदोलन की पचीसवीं वर्षगांठ पर लिखा था, '9 अगस्त का दिन हम भारतवासियों के जीवन की महान घटना है और यह हमेशा बनी रहेगी। 15 अगस्त राज्य की महान घटना है, अभी तक हम 15 अगस्त को धूमधाम से मनाते हैं, क्योंकि उस दिन ब्रिटिश वायसराय माउंटबेटन ने भारत के प्रधानमंत्री के साथ हाथ मिलाया था और क्षतिग्रस्त आजादी हमारे देश को दी थी, वहीं 9 अगस्त देश की जनता की उस इच्छा की अभिव्यक्ति थी जिसमें उसने यह ठान लिया था कि हमें आजादी चाहिए और हम आजादी ले कर रहेंगे ।' हमारे देश के लंबे इतिहास में पहली बार करोड़ों लोगों ने आजादी की अपनी इच्छा जाहिर की थी। कुछ जगहों पर इसे जोरदार ढंग से प्रकट भी किया गया था।' अगस्त क्रांति यानी 9 अगस्त ~~~~~~~~~~~~~~~ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अगस्त क्रांति के नाम से मशहूर भारत छोड़ो आंदोलन का करीब तीन-चार साल का दौर अत्यंत महत्त्वपूर्ण होने के साथ पेचीदा भी था। यह आंदोलन देशव्यापी था जिसमें बड़े पैमाने पर भ...

तीलू रौतेली (उत्तराखंड की रानी झांसी लक्ष्मी बाई)

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रौतेली (उत्तराखंड की रानी झांसी लक्ष्मी बाई) ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ उत्तराखण्ड में बचपन गुज़रा, उम्र का एक बड़ा हिस्सा हिमाचल में गुज़ारकर फिर उत्तराखण्ड लौटना हुआ और पिछले लगभग 18 वर्ष हूँ यहाँ. फिर भी हिमाचल का मोह छुड़ाए नहीं छूटता। इस बार जब मेरे सम्पूर्ण जीवन के लेखन कार्य का सरकारी लेखा-जोखा हुआ तो तीलू रौतेली का नाम सामने आया। परन्तु आम आदमी इस नाम से परिचित न हो तो कोई आश्चर्य नहीं। तीलू रौतेली नाम इतिहास से जुड़ा है। सच तो यह है कि भारत का कोई भी भूभाग ऐसा नहीं है जहाँ कोई बलिदानी न हुआ हो। आवश्यकता है तो बस उन्हें जानने-पहचानने की। हालांकि कोई भी बलिदानी यह सोचकर काम नहीं करता कि आनेवाली पीढि़याँ उसे जाने-समझें परन्तु उन बलिदानियों के कार्य ही ऐसे होते हैं कि समय की गर्द भी उनके नाम धुंधले नहीं कर सकती। ऐसा ही एक नाम उत्तराखण्ड के इतिहास में तीलू रौतेली का भी है। आइए आज इस ओजस्वी महिला के विषय में कुछ जानते हैं जो मैंने जाना-समझा। सम्भवतया विश्व में कोई दूसरा ऐसा नाम नहीं होगा जिस महिला ने 15 से 22 वर्ष की आयु तक निरंतर और अंतिम सांस तक युद्धरत रहकर अत्याचारि...

गुरू रविन्द्र नाथ टैगोर जी

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रविन्द्र नाथ टैगोर जी ~~~~~~~~~~~ विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बाँग्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं। रवींद्रनाथ टैगोर का जीवनी ~~~~~~~~~~~~~~ गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का जन्‍म 7 मई सन् 1861 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने भारतीय समाज के विकास में बहुत योगदान दिया। रवींद्रनाथ टैगोर एक कवि, उपन्‍यासकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक थे। रवींद्रनाथ टैगोर एशिया के प्रथम व्‍यक्ति थे, जिन्‍हें नोबल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। वे अपने माता-पिता की तेरहवीं संतान थे। बचपन में उन्‍हें ...

सुषमा स्वराज जी

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सुषमा स्वराज ~~~~~~~ (१४ फरवरी, १९५२ - ०६ अगस्त, २०१९)  एक भारतीय महिला राजनीतिज्ञ और भारत की पूर्व विदेश मंत्री थीं। वे वर्ष २००९ में भारत की भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं, इस नाते वे भारत की पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं। इसके पहले भी वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथा दिल्लीकी मुख्यमन्त्री भी रही हैं। वे सन २००९ के लोकसभा चुनावों के लिये भाजपा के १९ सदस्यीय चुनाव-प्रचार-समिति की अध्यक्ष भी रही थीं। संक्षिप्त परिचय ~~~~~~~~ विदेश मंत्री पद बहाल २६ मई २०१४ – 24 मई 2019 विपक्ष की नेता पद बहाल २१ दिसम्बर २००९ – २६ मई २०१४ संसदीय मामलों की मंत्री पद बहाल २९ जनवरी २००३ – २२ मई २००४ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मन्त्री पद बहाल २९ जनवरी २००३ – २२ मई २००४ सूचना एवं प्रसारण मंत्री पद बहाल ३० सितम्बर २००० – २९ जनवरी २००३ दिल्ली की मुख्यमंत्री पद बहाल...