अमर शहीद अशफाक़ उल्ला खां
अमर शहीद अशफाक़ उल्ला खां ~~~~~~~~~~~~~~~~ 🌺🌹🌷🥀🌻🌼💐 तुम भूल न जाओ उनको, इसलिए लिखी ये कहानी, जो शहीद हुए हैं उनकी, ज़रा याद करो कुर्बानी.. 🌺🌹🥀🌷🌻🌼💐 जीवन परिचय : ~~~~~~~~ अमर शहीद अशफाक़उल्ला खां (22 अक्टूबर 1900 -19 दिसंबर 1927) भारत माता के वीर सपूत थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिये हँसते –हँसते फांसी पर झूल गए। उनका पूरा नाम अशफाक़ उल्ला खां वारसी ‘हसरत’ था। वे शाहजहांपुर के एक रईस खानदान से आते थे। बचपन से इन्हें खेलने, तैरने, घुड़सवारी और बन्दुक चलने में बहुत मजा आता था। इनका कद काठी मजबूत और बहुत सुन्दर था। बचपन से ही इनके मन देश के प्रति अनुराग था। देश की भलाई के लिये चल रहे आंदोलनों की कक्षा में वे बहुत रूचि से पढाई करते थे। धीरे धीरे उनमें क्रांतिकारी के भाव पैदा हुए। वे हर समय इस प्रयास में रहते थे कि किसी ऐसे व्यक्ति से भेंट हो जाय जो क्रांतिकारी दल का सदस्य हो। जब मैनपुरी केस के दौरान उन्हें यह पता चला कि राम प्रसाद बिस्मिल उन्हीं के शहर के हैं तो वे उनसे मिलने की कोशिश करने लगे। धीरे धीरे वे राम प्रसाद बिस्मिल के संपर्क में आये और बाद ...